गीता वाटिका द्वारा प्रकाशित और पूज्य श्री भैया जी (हनुमान प्रसाद पोद्दार) द्वारा रचित एक अनुपम भक्ति ग्रंथ है। यह पुस्तक भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं
और भाईजी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। यह ग्रंथ आध्यात्मिक प्रेमियों के लिए एक अनमोल संसाधन है।
उनकी भक्ति और महाभाव की गहराई को उजागर करता है। यह पुस्तक विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो अध्यात्मिक मार्ग पर चलना चाहते हैं और श्री कृष्ण एवं राधा के प्रेमपूर्ण संबंधों को समझना चाहते हैं। श्री बालकृष्ण दास जी महाराज की महाभाव में लीन अवस्था को दर्शाते हुए
"श्री भक्तमाल" गुरु नाभा दास जी द्वारा रचित एक प्रमुख धार्मिक ग्रंथ है
जिसमें भक्तों के लिए विशेष अनुष्ठान और आयोजन की जानकारी दी गई है। यह पाठकों को श्री कृष्ण की लीलाओं और उनके संदेशों के माध्यम से आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है।
Shri Krishna Ank - KALYAN- 1184 Best Seller गीता वाटिका द्वारा प्रकाशित और" " , , , , , " " ,